ऐसे भी दिन जिए हैं मैंने

The poem is about about the struggles that a person faces to succeed in his or her life
– ऐसे भी दिन देखे मैंने-
दो पल की खुशियाँ, अकेलापन, बेबसी के,
उन दिनों की बात ही अलग सी थी,